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ऑनलाइन खरीदारी में बरतें सावधानी, व‍िदेशी बताकर स्‍वदेशी माल बेच रहीं कंपन‍ियां, कीमत भी है ज्‍यादा

Dec 19, 2020
2 min read

अगर आप ऑनलाइन क‍िसी व‍िदेशी सामान का ऑर्डर दे रहे हैं तो सावधान हो जाएं। दरअसल कई कंपन‍ियां व‍िदेशी बताकर पैकेट में स्‍वदेशी माल बेच रहीं हैं। खास बात ये है क‍ि पैकेट पर कंपनी के नाम और पते तक दर्ज नहीं होते हैं।

आनलाइन खरीदारी करने से पहले सावधान हो जाएंं, विदेशी बताकर आपको देसी उत्पाद भी द‍िया जा सकता है। इसके अलावा आपको बाजार से अधिक कीमत भी देनी पड़ सकती है।

दरअसल बाटमाप विभाग ने आनलाइन सामानों की बिक्री करने वाली चार कंपनियों से तीन लाख रुपये का जुर्माना वसूल क‍िया है। डिजिटल इंडिया के प्रचलन के साथ आनलाइन सामान खरीदने के प्रत‍ि लोगों का रुझान बढ़ा है। धीरे-धीरे लोग बाजार की ओर जाना करने लगे हैं। इसका लाभ आनलाइन प्लेटफार्म द्वारा सामान बेचने वाली कंपनियों ने उठाना शुरू कर दिया है। विदेशी उत्पाद बताकर देसी उत्पाद की बिक्री की जा रही है। लोगों को गुमराह करने के लिए पैकेट पर मूल्य, विदेश के माल के पैकेट पर उस देश का नाम और अन्य जानकारी नहीं लिखी जा रही है। ग्राहक आनलाइन माल बेचने वालों की घोषणा को सही मानकर सामान की खरीदारी करते हैं और ठगे जाते हैं। शासन के निर्देश के बाद बाटमाप विभाग की टीम ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने 30 से अधिक आनलाइन प्लेटफार्म पर सामान बेचने वाली कंपिनयों को चिह्नित किया है और नोटिस जारी किया है।


इसमें चार कंपनियों ने गलती स्वीकार करते हुए तीन लाख रुपये का जुर्माना जमा कर द‍िया है। उदाहरण के लिए अमेजन आनलाइन प्लेटफार्म पर एक कंपनी ने पल्स ऑक्सीमीटर की कीमत 3560 घोषित की है। इसे 2149 रुपये में ग्राहक को द‍िया जा रहा है। नियम के अनुसार आक्सीमीटर बनाने वाली कंपनी किस देश की है, भारत में आयात करने वाली कंपनी का नाम तक अंकित नहीं है। इसी तरह से एक कंपनी विदेशी चाकलेट की बिक्री करने का दावा कर रही है। लेकिन पैकेट पर उस देश का नाम, मूल्य आदि दर्ज नहीं क‍िए गए हैं। बाटमाप विभाग ने इन कंपनियों को विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 49(2) के तहत नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा था। पहले कंपनियों ने अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया, जब मुकदमा कराने की अंतिम नोटिस पहुंची तो चार कंपनी ने जुर्माना जमा कर दिया। वरिष्ठ बाटमाप निरीक्षक हेमाद्रि सिंह ने बताया कि ग्रोफर्स और अमेजन आनलाइन प्लेटफार्म पर सामान बेचने वाली तीन कंपनियों ने गलती स्वीकार की है और तीन लाख रुपये जुर्माना जमा किया है। पत्र दिया है कि ब्रिक्री किए जाने वाले वस्तु के पैकेट पर मूल्य, कंपनी नाम,पता, किस देश में बनी है। भारत में मंगाने वाले आयातक का नाम पता अंकित करेंगे। उन्होंने बताया कि 26 कंपनियों को नोटिस भेजा गया है। जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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